मुर्गी पालन शुरू करने के लिए बैंक सबसे पहले प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगता है — कितने पक्षी, शेड का आकार, चूज़े और दाने की लागत, हर बैच से कितनी बिक्री होगी और लोन की किस्त कैसे चुकेगी। ब्रॉयलर फार्म में एक बैच 35–45 दिन का होता है, इसलिए साल में 5–6 बैच मानकर बिक्री का हिसाब बनता है; लेयर फार्म में अंडा उत्पादन 72 सप्ताह तक चलता है। रिपोर्ट में शेड, उपकरण, चूज़े, दाना, बिजली-पानी, मज़दूरी और मृत्यु दर (आमतौर पर 4–6%) का सही अनुमान होना चाहिए, वरना बैंक DSCR देखकर फ़ाइल लौटा देता है।
सामान्य इकाई: ₹16,00,000 · लागत सीमा ₹5 Lakh–50 Lakh
| खर्च का मद | राशि | हिस्सा |
|---|---|---|
| शेड, सिविल कार्य व भूमि विकास | ₹5,60,000 | 34% |
| उपकरण (फीडर, पंप, कूलिंग आदि) | ₹2,20,000 | 14% |
| पशुधन / बीज / प्रारंभिक स्टॉक | ₹3,50,000 | 22% |
| प्री-ऑपरेटिव व बीमा | ₹60,000 | 4% |
| आकस्मिक व्यय | ₹60,000 | 4% |
| कार्यशील पूंजी (चारा, मज़दूरी, बिजली) | ₹3,50,000 | 22% |
| कुल परियोजना लागत | ₹16,00,000 | 100% |
ये आंकड़े एक सामान्य इकाई के अनुमान हैं। आपकी रिपोर्ट आपके कोटेशन, जगह और क्षमता के आधार पर सटीक हिसाब बनाती है।
नई इकाई के लिए 15% से 35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी (शहरी/ग्रामीण व श्रेणी के अनुसार)। सब्सिडी 3 साल के लिए बैंक में TDR के रूप में रहती है।
ग्रामीण पोल्ट्री ब्रीडिंग फार्म (1,000 पेरेंट पक्षी) पर परियोजना लागत की 50% तक पूंजी सब्सिडी, अधिकतम ₹25 लाख — राज्य पशुपालन विभाग के ज़रिए।
छोटे फार्म के लिए ₹10 लाख तक बिना गारंटी लोन (तरुण प्लस में ₹20 लाख तक)।
योजनाओं की दरें और शर्तें समय-समय पर बदलती हैं — आवेदन से पहले बैंक या संबंधित विभाग से ताज़ा दिशानिर्देश ज़रूर देखें।
1,000 ब्रॉयलर पक्षियों के लिए लगभग 1,000–1,200 वर्ग फुट शेड चाहिए। शेड, उपकरण, चूज़े और पहले बैच का दाना मिलाकर आमतौर पर ₹3–5 लाख लगते हैं। सटीक आंकड़ा आपके इलाके के शेड-निर्माण और दाने के भाव पर निर्भर करता है — रिपोर्ट आपके इनपुट से सही हिसाब बनाती है।
PMEGP में 15–35% मार्जिन मनी सब्सिडी मिलती है। ब्रीडिंग फार्म के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन में 50% तक (अधिकतम ₹25 लाख) सब्सिडी है। कुछ राज्यों की अपनी पशुपालन योजनाएं भी हैं — आवेदन से पहले राज्य विभाग से ताज़ा दिशानिर्देश ज़रूर देखें।
आधार, पैन, फोटो, बैंक स्टेटमेंट, ज़मीन के कागज़ या किराया-नामा, उपकरण व शेड के कोटेशन, Udyam रजिस्ट्रेशन (सुझाया गया) और बैंक-योग्य प्रोजेक्ट रिपोर्ट।