ब्यूटी पार्लर की प्रोजेक्ट फाइल में बैंक तीन बातें देखता है: दुकान और उपकरण पर कितना खर्च होगा, रोज़ कितने ग्राहक आएंगे और किस सेवा से कितनी कमाई होगी, और हर महीने की किस्त चुकाने के बाद कितना बचेगा। फेशियल, हेयर कट, ब्राइडल मेकअप, वैक्सिंग जैसी सेवाओं की अलग-अलग दर और ग्राहक संख्या से बिक्री का अनुमान बनता है। चेयर, मिरर, स्टीमर, फेशियल बेड, AC और इंटीरियर — इन सबके कोटेशन रिपोर्ट के साथ लगाने से लोन जल्दी पास होता है। महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया और कई राज्य योजनाएं अतिरिक्त लाभ देती हैं।
सामान्य इकाई: ₹5,50,000 · लागत सीमा ₹2–15 Lakh
| खर्च का मद | राशि | हिस्सा |
|---|---|---|
| परिसर फिट-आउट व इंटीरियर | ₹1,20,000 | 22% |
| उपकरण व औज़ार | ₹2,20,000 | 40% |
| फ़र्नीचर व फिक्स्चर | ₹50,000 | 9% |
| प्री-ऑपरेटिव, लाइसेंस व डिपॉज़िट | ₹45,000 | 8% |
| आकस्मिक व्यय | ₹20,000 | 4% |
| कार्यशील पूंजी (वेतन, किराया, उपभोग्य सामग्री) | ₹95,000 | 17% |
| कुल परियोजना लागत | ₹5,50,000 | 100% |
ये आंकड़े एक सामान्य इकाई के अनुमान हैं। आपकी रिपोर्ट आपके कोटेशन, जगह और क्षमता के आधार पर सटीक हिसाब बनाती है।
₹50,000 तक शिशु और ₹5 लाख तक किशोर लोन — बिना गारंटी। छोटे पार्लर के लिए सबसे आम रास्ता।
सेवा इकाई के लिए ₹20 लाख तक की परियोजना पर 15–35% सब्सिडी; महिलाओं को विशेष श्रेणी की ऊंची दर मिलती है।
महिला और SC/ST उद्यमियों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन — बड़े सैलून/स्पा के लिए।
योजनाओं की दरें और शर्तें समय-समय पर बदलती हैं — आवेदन से पहले बैंक या संबंधित विभाग से ताज़ा दिशानिर्देश ज़रूर देखें।
पहले तय करें कि कौन सी सेवाएं देंगे और रोज़ कितने ग्राहक संभव हैं। फिर दुकान का किराया, इंटीरियर, उपकरण और प्रोडक्ट स्टॉक का खर्च लिखें। इनसे 5 साल की बिक्री, खर्च, मुनाफ़ा, लोन किस्त और DSCR निकलता है। Cred पर फॉर्म भरते ही यह पूरी रिपोर्ट अपने-आप बन जाती है।
छोटा पार्लर ₹2–5 लाख में और बड़ा यूनिसेक्स सैलून ₹10–15 लाख तक में शुरू होता है। सबसे बड़ा खर्च उपकरण और इंटीरियर पर होता है।
Cred पर अपनी जानकारी भरकर पूरी रिपोर्ट मुफ़्त बनाएं और PDF प्रीव्यू डाउनलोड करें। बैंक में जमा करने के लिए बिना वॉटरमार्क की PDF, Word और Excel ₹499 में मिलती है।