डेयरी फार्म की प्रोजेक्ट रिपोर्ट का आधार है दूध उत्पादन का यथार्थवादी अनुमान: नस्ल (HF, जर्सी, साहीवाल, गिर, मुर्रा भैंस), प्रति पशु रोज़ का दूध, सूखे दिनों (ड्राई पीरियड) का हिसाब और दूध का बिक्री भाव। बैंक आमतौर पर पशु दो चरणों में खरीदने की सलाह देता है ताकि साल भर दूध मिलता रहे। रिपोर्ट में शेड, चारा (हरा, सूखा व दाना), पशु बीमा, डॉक्टर, मज़दूरी और गोबर/खाद से होने वाली अतिरिक्त आय भी दिखानी चाहिए।
सामान्य इकाई: ₹22,00,000 · लागत सीमा ₹5 Lakh–1 Cr
| खर्च का मद | राशि | हिस्सा |
|---|---|---|
| शेड, सिविल कार्य व भूमि विकास | ₹7,50,000 | 34% |
| उपकरण (फीडर, पंप, कूलिंग आदि) | ₹3,10,000 | 14% |
| पशुधन / बीज / प्रारंभिक स्टॉक | ₹4,80,000 | 22% |
| प्री-ऑपरेटिव व बीमा | ₹90,000 | 4% |
| आकस्मिक व्यय | ₹90,000 | 4% |
| कार्यशील पूंजी (चारा, मज़दूरी, बिजली) | ₹4,80,000 | 22% |
| कुल परियोजना लागत | ₹22,00,000 | 100% |
ये आंकड़े एक सामान्य इकाई के अनुमान हैं। आपकी रिपोर्ट आपके कोटेशन, जगह और क्षमता के आधार पर सटीक हिसाब बनाती है।
डेयरी प्रोसेसिंग व बड़े प्रोजेक्ट पर 3% ब्याज सहायता।
चारे, दवा व मज़दूरी के लिए कम ब्याज पर कार्यशील पूंजी।
नई इकाई पर 15–35% सब्सिडी (PMEGP), बिना गारंटी लोन (MUDRA); कई राज्य गाय-भैंस खरीद पर अलग अनुदान देते हैं।
योजनाओं की दरें और शर्तें समय-समय पर बदलती हैं — आवेदन से पहले बैंक या संबंधित विभाग से ताज़ा दिशानिर्देश ज़रूर देखें।
10 संकर गायों की डेयरी में पशु खरीद, शेड, चारा-कटर, दूध के बर्तन, बीमा और पहले कुछ महीनों का चारा मिलाकर आमतौर पर ₹8–12 लाख लगते हैं — नस्ल और इलाके के अनुसार।
PMEGP में 15–35% मार्जिन मनी सब्सिडी है। इसके अलावा राज्य सरकारें गाय/भैंस खरीद पर अलग अनुदान देती हैं — दर राज्य व श्रेणी के अनुसार बदलती है, ज़िला पशुपालन कार्यालय से पुष्टि करें।
अच्छे प्रबंधन में शुद्ध मुनाफ़ा दूध बिक्री का 15–25% रहता है। सबसे बड़ा खर्च चारा है, इसलिए अपनी ज़मीन पर हरा चारा उगाने से मुनाफ़ा काफ़ी बढ़ता है।