पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट में RO, UV, ओज़ोनेशन, बोतल/जार फिलिंग और सीलिंग मशीनें लगती हैं, और बिना BIS (IS 14543) प्रमाणन और FSSAI लाइसेंस के बिक्री नहीं हो सकती। बैंक प्रोजेक्ट रिपोर्ट में प्लांट की क्षमता (लीटर प्रति घंटा), रोज़ के जार/बोतल, वितरण व्यवस्था, बिजली खर्च और लैब-टेस्टिंग की लागत देखता है। 20 लीटर जार की स्थानीय सप्लाई से शुरुआत करना सबसे आम मॉडल है क्योंकि इसमें मार्केटिंग खर्च कम है।
सामान्य इकाई: ₹39,00,000 · लागत सीमा ₹15 Lakh–1 Cr
| खर्च का मद | राशि | हिस्सा |
|---|---|---|
| फ़ैक्टरी शेड व सिविल कार्य | ₹7,00,000 | 18% |
| प्लांट व मशीनरी (इंस्टॉलेशन सहित) | ₹16,40,000 | 42% |
| बिजली फिटिंग, फ़र्नीचर व फिक्स्चर | ₹2,30,000 | 6% |
| प्री-ऑपरेटिव व प्रारंभिक खर्च | ₹1,20,000 | 3% |
| आकस्मिक व्यय | ₹1,60,000 | 4% |
| कार्यशील पूंजी (पहला उत्पादन चक्र) | ₹10,50,000 | 27% |
| कुल परियोजना लागत | ₹39,00,000 | 100% |
ये आंकड़े एक सामान्य इकाई के अनुमान हैं। आपकी रिपोर्ट आपके कोटेशन, जगह और क्षमता के आधार पर सटीक हिसाब बनाती है।
निर्माण इकाई के लिए ₹50 लाख तक की परियोजना पर 15–35% मार्जिन मनी सब्सिडी।
बिना कोलैटरल लोन पर क्रेडिट गारंटी।
छोटे जार-फिलिंग प्लांट के लिए ₹10–20 लाख तक बिना गारंटी लोन।
योजनाओं की दरें और शर्तें समय-समय पर बदलती हैं — आवेदन से पहले बैंक या संबंधित विभाग से ताज़ा दिशानिर्देश ज़रूर देखें।
छोटा 20 लीटर जार प्लांट ₹15–25 लाख में और ऑटोमैटिक बोतल लाइन वाला प्लांट ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक में लगता है — BIS प्रमाणन और लैब का खर्च अलग से जोड़ें।
PMEGP में 15–35% मार्जिन मनी सब्सिडी मिलती है (₹50 लाख तक की परियोजना पर)। कुछ राज्यों की औद्योगिक नीति में पूंजी/ब्याज सब्सिडी भी है।
BIS प्रमाणन (IS 14543), FSSAI लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति, भूजल निकासी की अनुमति (जहां लागू), GST और Udyam रजिस्ट्रेशन।