प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) गैर-कृषि छोटे व्यवसायों — दुकान, सेवा, निर्माण और पशुपालन जैसी सहायक गतिविधियों — को बिना गारंटी लोन देती है। लोन चार श्रेणियों में मिलता है: शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख), तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख) और तरुण प्लस (₹10 लाख से ₹20 लाख, उन उद्यमियों के लिए जिन्होंने पहले तरुण लोन समय पर चुकाया है)। किशोर और तरुण लोन में बैंक प्रोजेक्ट रिपोर्ट ज़रूर मांगता है — जिसमें व्यवसाय का विवरण, लागत, बिक्री का अनुमान, मुनाफ़ा और किस्त चुकाने की क्षमता (DSCR) दिखाई जाती है। ब्याज दर बैंक तय करता है।
₹50,000 तक — नया छोटा काम शुरू करने के लिए; साधारण व्यवसाय-योजना काफ़ी है।
₹50,000 से ₹5 लाख — व्यवसाय बढ़ाने या उपकरण खरीदने के लिए; प्रोजेक्ट रिपोर्ट व कोटेशन ज़रूरी।
₹5–10 लाख (तरुण) और ₹10–20 लाख (तरुण प्लस) — विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट, CMA डेटा और 5 साल का अनुमान ज़रूरी।
योजनाओं की दरें और शर्तें समय-समय पर बदलती हैं — आवेदन से पहले बैंक या संबंधित विभाग से ताज़ा दिशानिर्देश ज़रूर देखें।
18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक जिसका गैर-कृषि आय वाला व्यवसाय (या पशुपालन जैसी सहायक गतिविधि) हो और जिसका किसी बैंक में डिफ़ॉल्ट न हो। ₹5–10 लाख की ज़रूरत के लिए तरुण ऋण; बैंक प्रोजेक्ट रिपोर्ट, KYC, पता प्रमाण और कोटेशन मांगता है।
मुद्रा योजना में ₹50,000 से ₹5 लाख तक का लोन किशोर ऋण कहलाता है। यह बिना गारंटी मिलता है और ज़्यादातर दुकान, सर्विस यूनिट या छोटे निर्माण कार्य के विस्तार के लिए लिया जाता है।
Cred पर योजना में MUDRA (किशोर/तरुण) चुनें, व्यवसाय और लोन की जानकारी भरें — लागत, बिक्री, मुनाफ़ा, किस्त और DSCR वाली पूरी रिपोर्ट मुफ़्त बनती है। बैंक के लिए बिना वॉटरमार्क PDF + Word + Excel ₹499 में।