ईंट भट्टे का कारोबार मौसमी होता है — आमतौर पर अक्टूबर से जून तक उत्पादन चलता है — इसलिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट में सालाना उत्पादन (लाख ईंट में), मिट्टी व कोयले की लागत, मज़दूरी, भट्टे की क्षमता और बिक्री दर का सही अनुमान ज़रूरी है। बैंक यह भी देखता है कि भट्टे के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्थापना (CTE) और संचालन (CTO) अनुमति हो, और भट्टा ज़िग-ज़ैग जैसी मान्य तकनीक पर हो। कार्यशील पूंजी की ज़रूरत ज़्यादा होती है क्योंकि कोयला और मज़दूरी पहले देनी पड़ती है, जबकि बिक्री धीरे-धीरे होती है।
सामान्य इकाई: ₹32,00,000 · लागत सीमा ₹10 Lakh–1 Cr
| खर्च का मद | राशि | हिस्सा |
|---|---|---|
| फ़ैक्टरी शेड व सिविल कार्य | ₹5,80,000 | 18% |
| प्लांट व मशीनरी (इंस्टॉलेशन सहित) | ₹13,40,000 | 42% |
| बिजली फिटिंग, फ़र्नीचर व फिक्स्चर | ₹1,90,000 | 6% |
| प्री-ऑपरेटिव व प्रारंभिक खर्च | ₹1,00,000 | 3% |
| आकस्मिक व्यय | ₹1,30,000 | 4% |
| कार्यशील पूंजी (पहला उत्पादन चक्र) | ₹8,60,000 | 27% |
| कुल परियोजना लागत | ₹32,00,000 | 100% |
ये आंकड़े एक सामान्य इकाई के अनुमान हैं। आपकी रिपोर्ट आपके कोटेशन, जगह और क्षमता के आधार पर सटीक हिसाब बनाती है।
निर्माण इकाई के लिए ₹50 लाख तक की परियोजना पर 15–35% मार्जिन मनी सब्सिडी।
बिना कोलैटरल ₹5 करोड़ तक के लोन पर क्रेडिट गारंटी — बड़े भट्टों के लिए उपयोगी।
छोटी इकाई या कार्यशील पूंजी के लिए ₹10–20 लाख तक बिना गारंटी लोन।
योजनाओं की दरें और शर्तें समय-समय पर बदलती हैं — आवेदन से पहले बैंक या संबंधित विभाग से ताज़ा दिशानिर्देश ज़रूर देखें।
छोटा भट्टा ₹10–25 लाख और बड़ा ज़िग-ज़ैग भट्टा ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक में लगता है। इसमें ज़मीन विकास, भट्टा निर्माण, चिमनी, मिट्टी तैयार करने की मशीन और पहले सीज़न की कार्यशील पूंजी शामिल है।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की CTE/CTO, खनन विभाग से मिट्टी खनन की अनुमति, पंचायत/स्थानीय निकाय की NOC, Udyam रजिस्ट्रेशन और ज़मीन के कागज़ — राज्य के अनुसार सूची बदल सकती है।
सीज़न और कोयले के भाव पर निर्भर करता है; आमतौर पर शुद्ध मुनाफ़ा बिक्री का 8–15% रहता है। रिपोर्ट आपके उत्पादन व दर से सटीक हिसाब बनाती है।